प्रयागराज : आशुतोष महाराज की प्रेसवार्ता, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर लगाए गंभीर आरोप

प्रयागराज में आयोजित एक प्रेसवार्ता में आशुतोष ब्रह्मचारी (आशुतोष महाराज) ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर गंभीर आरोप लगाए। आशुतोष ब्रह्मचारी ने कहा कि सनातन धर्म के नाम पर फंडिंग लेने वाले लोगों पर मां गंगा का श्राप है। उन्होंने दावा किया कि संगम क्षेत्र में लगे मेले के दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को स्नान से पुलिस ने नहीं, बल्कि स्वयं मां गंगा ने रोका।
प्रेसवार्ता में आशुतोष ब्रह्मचारी ने आरोप लगाया कि जो लोग मां गंगा को गंदा कहते हैं, वे गंगा स्नान नहीं कर पाए। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटनाओं को “पुलिस प्रशासन की कार्रवाई” बताकर टालना उचित नहीं है और मामले में तत्काल गिरफ्तारी होनी चाहिए।
उन्होंने आगे आरोप लगाते हुए कहा कि मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर, वाराणसी और ज्योतिषमठ से जुड़े संस्थानों में भी कथित रूप से गलत गतिविधियाँ होती रही हैं।
आशुतोष ब्रह्मचारी ने दावा किया कि शंकराचार्य बनने की होड़ में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने अपने दिवंगत गुरु के स्थान पर तुरंत पद ग्रहण किया, जबकि शंकराचार्य की उपाधि पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक लगी हुई है। इसके बावजूद वे स्वयं को शंकराचार्य बताते हैं।
प्रेसवार्ता में यह भी आरोप लगाया गया कि 17 जनवरी को माघ मेले के दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिविर में बच्चों के साथ यौन उत्पीड़न की घटना हुई। आशुतोष ब्रह्मचारी के अनुसार, एक महिला पूर्णिमा ने कथित रूप से इसमें सहयोग किया और एक वाहन में भी गलत प्रयास किए जाने का आरोप लगाया गया, हालांकि वह प्रयास विफल रहा।
आशुतोष ब्रह्मचारी ने आरोप लगाया कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, उनके शिष्य स्वामी मुकुंदानंद और सहयोगी अरविंद इस कथित नेटवर्क से जुड़े रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि पीड़ित बच्चों की मेडिकल रिपोर्ट में शोषण के संकेत मिले हैं तथा मठ के सीईओ प्रकाश उपाध्याय पर बच्चों को लाकर उत्पीड़न कराने का आरोप है। उन्होंने यह भी कहा कि इस कथित मामले में कई वीआईपी और राजनीतिक दलों के नेता शामिल हो सकते हैं।
प्रेसवार्ता के दौरान आशुतोष ब्रह्मचारी ने कुछ तस्वीरें दिखाते हुए कहा कि आरोपी पक्ष पहले उनसे जुड़ा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि कोई उन्हें दोषी ठहराता है तो ठोस सबूत सामने लाए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व में अखिलेश यादव के शासनकाल में उन्हें राजनीतिक कारणों से निशाना बनाया गया, हालांकि बाद में अदालत ने उन्हें दोषमुक्त किया।
इसके अतिरिक्त, आशुतोष ब्रह्मचारी ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के आश्रमों में कथित करोड़ों रुपये के गबन, विवाह के नाम पर घोटाले और कुल आठ मुकदमों का दावा किया। उन्होंने कहा कि यौन उत्पीड़न से जुड़े मामलों में पीड़ित बच्चों ने अदालत के समक्ष गवाही दी है।
नोट: उपरोक्त सभी बातें प्रेसवार्ता में लगाए गए आरोप हैं। संबंधित पक्षों की ओर से प्रतिक्रिया या आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
