वेस्टयूपी में RLD का बढ़ता प्रभाव, जयंतचौधरी की भूमिका हुई अहम,#बीजेपी टिकट समीकरणों में भी दिख रहा RLD का असर,
पश्चिमी यूपी की राजनीति में इन दिनों नए समीकरण बनते दिख रहे हैं। राष्ट्रीय लोकदल (RLD) के मुखिया और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी की भूमिका अब सिर्फ सहयोगी दल तक सीमित नहीं रह गई, बल्कि सीटों के तालमेल और टिकट वितरण तक असर डालती नजर आ रही है।
हाल ही में मुजफ्फरनगर की जनसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भाषण के बाद यह संकेत और मजबूत हुआ कि वेस्ट यूपी में चुनावी रणनीति अब पारंपरिक ढांचे से आगे बढ़ चुकी है। क्षेत्र में RLD का प्रभाव और जयंत चौधरी की बढ़ती स्वीकार्यता बीजेपी के लिए भी अहम फैक्टर बनती जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी के कई दावेदार नेता अब सीधे या परोक्ष रूप से जयंत चौधरी से तालमेल बैठाने में जुटे हैं। बुढ़ाना के पूर्व विधायक उमेश मलिक की हालिया मुलाकात को भी इसी संदर्भ में देखा जा रहा है।
2027 विधानसभा चुनाव को देखते हुए यह स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि वेस्ट यूपी की कई अहम सीटों पर चुनावी समीकरण केवल बीजेपी के आंतरिक फैसलों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि सहयोगी दल RLD की भूमिका भी निर्णायक हो सकती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह गठबंधन अब मजबूरी से आगे बढ़कर “प्रभाव की साझेदारी” के मॉडल में बदलता दिख रहा है, जहां सहयोगी दल का नेता न सिर्फ वोट ट्रांसफर का माध्यम है, बल्कि उम्मीदवार चयन में भी अहम भूमिका निभा सकता है।
बड़ा सवाल:
क्या बीजेपी अपने परंपरागत नेताओं की नाराजगी मोल लेकर यह संतुलन बनाए रखेगी, या चुनाव नजदीक आते-आते समीकरण बदल जाएंगे?
