मुजफ्फरनगर : सरकारी स्कूल के अध्यापक की हत्या मामले में हेड कॉन्स्टेबल को उम्रकैद
मुजफ्फरनगर में सरकारी स्कूल के अध्यापक की गोली मारकर हत्या के मामले में अदालत ने आरोपी हेड कॉन्स्टेबल चन्द्र प्रकाश यादव को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा और एक लाख रुपये के जुर्माने से दंडित किया है। यह फैसला विशेष अदालत अनुसूचित जाति/जनजाति अधिनियम के पीठासीन अधिकारी सीताराम की अदालत ने सुनाया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, घटना 17 मार्च 2024 की है। बोर्ड परीक्षा के लिए उत्तर पुस्तिकाएं लेकर टीम पुलिस सुरक्षा में सनातन धर्म इंटर कॉलेज के बाहर पहुंची थी। देर रात कॉलेज का गेट बंद होने के कारण टीम को गेट के बाहर वाहन में ही रुकना पड़ा। इसी दौरान वाहन में मौजूद मुख्य आरक्षी चन्द्र प्रकाश यादव और अध्यापक धर्मेंद्र कुमार के बीच कहासुनी हो गई।
अभियोजन का आरोप है कि विवाद के दौरान आरोपी ने अध्यापक धर्मेंद्र कुमार के साथ गाली-गलौज और जाति सूचक शब्दों का प्रयोग किया। विरोध करने पर आरोपी चन्द्र प्रकाश यादव ने अपनी सरकारी बंदूक से गोली मारकर अध्यापक की हत्या कर दी। मृतक धर्मेंद्र कुमार सरकारी स्कूल में अध्यापक थे और बोर्ड परीक्षा से संबंधित ड्यूटी पर तैनात थे।
घटना के संबंध में जितेन्द्र की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 504 तथा अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जहां वह तब से निरुद्ध था।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता परविंदर कुमार और विशेष अधिवक्ता नरेंद्र शर्मा ने गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर अदालत में पक्ष रखा। अदालत ने सभी साक्ष्यों को स्वीकार करते हुए आरोपी को दोषी ठहराया और उम्रकैद की सजा सुनाई।
