MSP तय करने से पहले CACP की बैठक, भाकियू अराजनैतिक ने रखीं किसानों के हित में अहम मांगें

नई दिल्ली/मुजफ्फरनगर। खरीफ विपणन सत्र 2026-27 के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) तय करने से पूर्व कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (CACP) द्वारा किसान संगठनों के साथ अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक और पीजेंट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने किसानों के पक्ष में ठोस सुझाव रखे।
बैठक में पीजेंट वेलफेयर एसोसिएशन के चेयरमैन अशोक बालियान और भाकियू (अ) के राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक को आमंत्रित किया गया था।
अशोक बालियान ने कहा कि MSP निर्धारण केवल लागत का विषय नहीं है, बल्कि यह देश की खाद्य सुरक्षा, किसानों की आय स्थिरता और फसल विविधीकरण से सीधे जुड़ा हुआ है। उन्होंने मांग की कि वास्तविक लागत C2 और कटाई के बाद की लागत को जोड़ते हुए किसानों को लाभकारी मूल्य सुनिश्चित किया जाए। साथ ही फसलों को जोखिम के आधार पर 50%, 60–70% और 70–100% तक लाभ जोड़ने का सुझाव दिया।
धर्मेंद्र मलिक ने कहा कि जिन फसलों पर MSP घोषित होता है, उनकी प्रभावी खरीद की कानूनी गारंटी होनी चाहिए। जिन फसलों पर MSP लागू नहीं है, उनके लिए बाजार हस्तक्षेप योजना को मजबूत किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्रीय लागत अंतर को ध्यान में रखते हुए व्यावहारिक मूल्य निर्धारण किया जाना जरूरी है।
भाकियू अराजनैतिक ने बैठक में यह मुद्दा भी उठाया कि पिछले खरीफ और रबी सीजन में किसानों को घोषित MSP नहीं मिल पाया। उत्तर प्रदेश में धान की कीमत 1600 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गई, जो MSP से काफी कम है। संगठन ने सस्ते आयात को किसानों के हित में घातक बताते हुए आयात-निर्यात नीति को MSP के अनुरूप संतुलित करने की मांग की।
किसान संगठन की प्रमुख मांगों में शामिल हैं—
MSP को C2 लागत + 100% लाभ के साथ तय कर कानूनी संरक्षण देना
MSP के दायरे में आने वाली फसलों की संख्या बढ़ाना
राज्यों की अलग-अलग लागत के अनुसार मूल्य निर्धारण
खरीद केंद्रों पर ड्रायर, सफाई व्यवस्था, इलेक्ट्रॉनिक कांटे और 24 घंटे में भुगतान सुनिश्चित करना
मूल्य तय करते समय थोक मूल्य सूचकांक (WPI) को भी आधार बनाना
बैठक में CACP के सचिव सिरीक जॉर्ज, सलाहकार रत्न लाल डागां, प्रेम चंद, डॉ. सीमा, विवेक शुक्ला, निदेशक दिव्या शर्मा सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। साथ ही भारतीय किसान सभा, भारतीय किसान संघ, किसान महापंचायत समेत अनेक किसान संगठनों ने भाग लिया।
कृषि लागत एवं मूल्य आयोग के चेयरमैन विजय पॉल शर्मा को सौंपे गए ज्ञापन में किसान संगठनों ने उम्मीद जताई कि आयोग किसानों की बढ़ती लागत, जलवायु संकट और बाजार अस्थिरता को ध्यान में रखते हुए न्यायसंगत MSP की सिफारिश करेगा।
