यूपी पुलिस का चौंकाने वाला कारनामा! थाने के मालखाने से पिस्टल निकालकर बेची, हेड मोहरिर फरार
मेरठ में आरोपी के पास बरामद हुई थाने में जमा लाइसेंसी पिस्टल, शामली पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
डिजिटल खबर:
उत्तर प्रदेश के शामली जिले से पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। कांधला थाने में तैनात रहे एक हेड मोहरिर पर थाने के मालखाने में जमा लाइसेंसी पिस्टल निकालकर अपने रिश्तेदार को बेचने का आरोप लगा है। मामले का खुलासा तब हुआ जब मेरठ के मवाना थाना पुलिस ने एक युवक को अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार किया और उसके पास से बरामद पिस्टल की जांच में पता चला कि वह शामली के कांधला थाने के मालखाने में जमा थी।
जानकारी के अनुसार, कांधला निवासी शाविर जंग का शस्त्र लाइसेंस वर्ष 2020 में जिलाधिकारी शामली द्वारा निरस्त कर दिया गया था। इसके बाद उनकी पिस्टल 22 अगस्त 2020 को पुलिस द्वारा थाने के मालखाने में जमा कराई गई थी। रिकॉर्ड के अनुसार इस पिस्टल के रिलीज होने की कोई प्रविष्टि दर्ज नहीं है।
हाल ही में मेरठ पुलिस ने मवाना क्षेत्र के केशू यादव को कई हथियारों के साथ गिरफ्तार किया। बरामद हथियारों में वही पिस्टल भी शामिल थी, जो कांधला थाने के मालखाने में जमा थी। जांच में सामने आया कि आरोपी केशू यादव, कांधला थाने में तैनात रहे तत्कालीन हेड मोहरिर अमित कुमार का रिश्तेदार (तहेरा भाई) बताया जा रहा है।
मामले की जानकारी मिलते ही कांधला थाना प्रभारी ने हेड कांस्टेबल अमित कुमार से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उसका मोबाइल फोन बंद मिला। पुलिस लाइन से जानकारी करने पर पता चला कि अमित कुमार 15 जुलाई 2026 से गैरहाजिर चल रहा है और उसकी अनुपस्थिति की रिपोर्ट भी दर्ज है।
प्रारंभिक जांच के आधार पर पुलिस का मानना है कि हेड कांस्टेबल अमित कुमार ने अपनी अभिरक्षा में रखी मालखाने की पिस्टल निकालकर अपने रिश्तेदार को उपलब्ध कराई। इस मामले में कांधला थाने में आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार तलाश में जुटी हैं।
इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस विभाग में मालखानों की सुरक्षा व्यवस्था और हथियारों के रखरखाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले की जांच जारी है और पुलिस अन्य बरामद हथियारों के संबंध में भी सत्यापन कर रही है।
