रामपुर मनिहारान से जयंत चौधरी फूंकेंगे 2027 के चुनाव का बिगुल, परिवार के साथ करेंगे विशाल जनसभा

सहारनपुर। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सियासत में गुरुवार को राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) बड़ा शक्ति प्रदर्शन करने जा रहा है। रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी अपनी पत्नी चारु चौधरी और दोनों बेटियों के साथ रामपुर मनिहारान स्थित गोचर विद्यालय में विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे। पार्टी इस कार्यक्रम के जरिए 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों को धार देने और पश्चिमी यूपी में संगठन की ताकत दिखाने की तैयारी में है।
रालोद नेताओं के मुताबिक जयंत चौधरी अपने परिवार की चौथी पीढ़ी के साथ जनता के बीच पहुंचेंगे। जनसभा में युवाओं को कौशल विकास से जोड़ने और सरकार की ओर से संचालित युवा कल्याण योजनाओं की जानकारी देने पर भी जोर रहेगा। पार्टी नेताओं का दावा है कि रामपुर मनिहारान से एक बड़े राजनीतिक अभियान की शुरुआत का संदेश दिया जाएगा।
दो सप्ताह से सहारनपुर में जुटे रालोद नेता
जनसभा को सफल बनाने के लिए रालोद के कई वरिष्ठ नेता पिछले करीब दो सप्ताह से सहारनपुर में डेरा डाले हुए हैं। बिजनौर से रालोद सांसद चंदन चौहान समेत पार्टी पदाधिकारी लगातार तैयारियों में जुटे हैं। बुधवार को मीडिया से बातचीत में चंदन चौहान ने कहा कि जयंत चौधरी की जनसभा पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ा संदेश देगी।
सीट शेयरिंग पर बोले चंदन चौहान
2027 विधानसभा चुनाव में सीटों के बंटवारे को लेकर पूछे गए सवाल पर सांसद चंदन चौहान ने कहा कि अभी सीट शेयरिंग का समय नहीं आया है। सीटों को लेकर फैसला पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व और हाईकमान स्तर पर बातचीत के बाद करेगा।
अखिलेश यादव के बयान पर भी पलटवार
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए चंदन चौहान ने कहा कि जयंत चौधरी पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के पुत्र हैं और उनके बारे में की गई टिप्पणी से जनता में नाराजगी है। उन्होंने दावा किया कि जनता 2027 के विधानसभा चुनाव में इसका जवाब देगी।
रालोद कार्यकर्ताओं में उत्साह
रामपुर मनिहारान में होने वाली जनसभा को लेकर रालोद कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह है। पश्चिमी यूपी की राजनीति में महत्वपूर्ण माने जाने वाले इस क्षेत्र से जयंत चौधरी का शक्ति प्रदर्शन आगामी विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी की रणनीति की दिशा का संकेत माना जा रहा है। अब सभी की नजरें जयंत चौधरी के संबोधन पर हैं कि वह 2027 के चुनाव को लेकर मंच से कौन सा बड़ा सियासी संदेश देते हैं।
