मुजफ्फरनगर: 5 घंटे बाद खुला पानीपत-खटीमा हाईवे, मुआवजे के आश्वासन पर माने परिजन

मुजफ्फरनगर में भीषण सड़क हादसे के बाद गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों का प्रदर्शन गुरुवार को लगभग 5 घंटे तक चला, जिसके चलते पानीपत-खटीमा राष्ट्रीय राजमार्ग पूरी तरह जाम रहा। मामला थाना तितावी क्षेत्र के जागाहेड़ी टोल के पास का है, जहां मृतकों के शव हाईवे पर रखकर प्रदर्शन किया गया।
दरअसल, 1 अप्रैल को गांव हैदरनगर के पास एक अनियंत्रित स्कूल बस ने बाइक सवार महिपाल, उनकी पत्नी पूनम और दो बच्चों को टक्कर मार दी थी। हादसे में महिपाल और उनके दोनों बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि गंभीर रूप से घायल पूनम को पहले जिला अस्पताल और फिर मेरठ रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी भी मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना में एक ही परिवार के चार लोगों की जान चली गई।
घटना से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने गुरुवार को हाईवे पर शव रखकर जाम लगा दिया और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई व उचित मुआवजे की मांग पर अड़े रहे। जाम के चलते दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
सूचना पर पहुंचे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने करीब 5 घंटे तक परिजनों को समझाने का प्रयास किया। बीच-बीच में माहौल भी तनावपूर्ण होता रहा। अंततः प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ।
मुआवजे के तहत:
राज्य मंत्री नरेंद्र कश्यप के प्रतिनिधि द्वारा ₹1 लाख की घोषणा
स्कूल प्रबंधन की ओर से ₹4 लाख देने का ऐलान
मुख्यमंत्री राहत कोष से प्रति मृतक ₹5 लाख देने का आश्वासन
अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) गजेंद्र सिंह ने बताया कि शासन स्तर पर वार्ता के बाद आर्थिक सहायता सुनिश्चित की जा रही है। वहीं, एसपी देहात आदित्य बंसल ने बताया कि मामले में विधिक कार्रवाई की जा रही है।
आश्वासन मिलने के बाद परिजन शवों को हाईवे से हटाने पर राजी हुए और जाम खुल सका। करीब 5 घंटे तक लगे इस जाम ने यातायात को पूरी तरह प्रभावित कर दिया, जिससे कई किलोमीटर लंबी वाहनों की कतार लग गई।
