मुजफ्फरनगर | डिजिटल रिपोर्ट
रोज़ी-रोटी की तलाश में घर से सैकड़ों किलोमीटर दूर गए मुजफ्फरनगर के एक मजदूर की मध्य प्रदेश में दर्दनाक मौत

यह हृदयविदारक घटना थाना तितावी क्षेत्र के गांव पीरबड निवासी रुपेश कश्यप (पुत्र सेवाराम) के साथ हुई, जिनकी ट्रेन की चपेट में आने से जान चली गई। घटना के बाद से गांव और परिवार में शोक की लहर है।
मिली जानकारी के अनुसार, रुपेश कश्यप परिवार के भरण-पोषण के लिए मध्य प्रदेश के बैतूल जिला में एक कोल्हू पर मजदूरी करने गया था। काम के सिलसिले में रहते हुए वह किसी कारणवश रेलवे ट्रैक के पास पहुंच गया, जहां वह ट्रेन की चपेट में आ गया। हादसा इतना भीषण था कि मौके पर ही उसकी मौत हो गई। स्थानीय पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर शिनाख्त कराई और परिजनों को सूचना दी।
रुपेश की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बताया जा रहा है कि वह अपने घर का एकमात्र कमाऊ सदस्य था। माता और पिता दोनों शारीरिक रूप से अपाहिज हैं और परिवार की पूरी जिम्मेदारी रुपेश के कंधों पर थी। परिवार में उसके अलावा दो भाई और तीन बहनें हैं। रुपेश की शादी महज एक वर्ष पहले ही हुई थी और घर में खुशियों का माहौल बना ही था कि यह दर्दनाक हादसा सब कुछ उजाड़ ले गया।
सबसे मार्मिक स्थिति यह है कि रुपेश की डेढ़ महीने की मासूम बच्ची के सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया। पत्नी और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जैसे ही मौत की खबर गांव पीरबड पहुंची, ग्रामीणों का तांता मृतक के घर लग गया। हर आंख नम है और हर कोई परिवार को ढांढस बंधाने की कोशिश कर रहा है।
फिलहाल परिजन और ग्रामीण शव के गांव पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं। इस दुखद घटना ने एक बार फिर बाहर मजदूरी करने को मजबूर गरीब परिवारों की असुरक्षित परिस्थितियों और उनकी मजबूरियों को उजागर कर दिया है। पूरे गांव में मातम पसरा है और हर कोई रुपेश कश्यप को नम आंखों से याद कर रहा है।
