मुजफ्फरनगर | डिजिटल रिपोर्ट

“गांव-गांव यही पुकार, बाल विवाह न हो अबकी बार”—इसी संदेश के साथ जिले में बाल विवाह के खिलाफ जन-जागरूकता अभियान को नई धार मिली।
मुजफ्फरनगर जनपद के ब्लॉक बुढाना स्थित शहीद चंद्र शेखर उच्च प्राथमिक विद्यालय, ग्राम पंचायत अलीपुर अटेरना में 16 फरवरी 2026 को “बाल विवाह मुक्त मुजफ्फरनगर” अभियान के अंतर्गत जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बालिकाओं ने एक स्वर में बाल विवाह के खिलाफ आवाज़ बुलंद की और संकल्प लिया कि अबकी बार बाल विवाह नहीं होने देंगे।
यह कार्यक्रम जिलाधिकारी उमेश मिश्रा एवं मुख्य विकास अधिकारी कण्डारकर कमल किशोर देशभूषण के निर्देशन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का संचालन बाल कल्याण समिति सदस्य डॉ. राजीव कुमार द्वारा किया गया।
डॉ. राजीव कुमार ने उपस्थित छात्र-छात्राओं, अभिभावकों और ग्रामीणों को बाल विवाह की रोकथाम से जुड़े कानूनों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के तहत बाल विवाह एक दंडनीय अपराध है, जिसमें दो वर्ष तक की सजा, एक लाख रुपये तक का जुर्माना अथवा दोनों का प्रावधान है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत में विवाह के लिए लड़के की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और लड़की की न्यूनतम आयु 18 वर्ष निर्धारित है।
कार्यक्रम के दौरान आपात स्थिति में सूचना देने के लिए पुलिस आपातकालीन सेवा हेल्पलाइन 112, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 अथवा स्थानीय पुलिस से संपर्क करने के लिए भी लोगों को जागरूक किया गया। वक्ताओं ने जोर दिया कि समय रहते सूचना देने से कई बच्चों का भविष्य बचाया जा सकता है।
विद्यालय स्तर पर इस अभियान को सफल बनाने में प्रधानाध्यापिका श्रीमती लता श्री, सहायक अध्यापक श्रीमती सरोज त्रिपाठी, श्री आदेश कुमार, श्री बिरेन्द्र कुमार एवं समस्त विद्यालय स्टाफ का विशेष सहयोग रहा।
बालक-बालिका शिक्षा, सुरक्षा, सम्मान, संरक्षण और स्वावलंबन के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में जिला बाल संरक्षण अधिकारी संजय कुमार की सहभागिता भी रही। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने बाल विवाह के खिलाफ जागरूक रहने और समाज में इसके उन्मूलन के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
