प्रयागराज शिखा प्रकरण के बाद सियासत तेज, बागपत में भाजपा के पूर्व विधायक ने 45 बटुकों का किया सम्मान
माघ मेले के दौरान प्रयागराज में बटुकों की शिखा खींचे जाने की घटना के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। इस मामले को लेकर लगातार राजनीतिक बयानबाज़ी हो रही है और अब भारतीय जनता पार्टी डैमेज कंट्रोल मोड में नजर आ रही है। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक की सक्रियता के बाद अब बागपत जिले में भाजपा के पूर्व विधायक ने बड़ा कदम उठाया है।
बागपत के बड़ौत कस्बे में भाजपा के पूर्व विधायक लोकेश दीक्षित ने पंचमुखी मंदिर स्थित संस्कृत गुरुकुल पहुंचकर 45 बटुकों का विधिवत सम्मान किया। वैदिक मंत्रोच्चार और पुष्पवर्षा के बीच बटुकों का तिलक कर उनका अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर बटुकों को वेद, धार्मिक पुस्तकें, बैग और पुस्तक पीठ भेंट की गई। पूरे कार्यक्रम के दौरान गुरुकुल परिसर में धार्मिक और आध्यात्मिक माहौल बना रहा, जहां बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी मौजूद रहे।
मीडिया से बातचीत में पूर्व विधायक लोकेश दीक्षित ने कहा कि भाजपा और वह स्वयं हमेशा से बटुकों और ब्राह्मण समाज का सम्मान करते आए हैं। उन्होंने कहा कि गुरुकुल के विद्यार्थी उनके लिए पूजनीय हैं और पार्टी शुरू से ही धर्म और संस्कृति के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध रही है। दीक्षित ने बटुकों को सनातन संस्कृति का वाहक बताते हुए कहा कि यही बच्चे समाज में धर्म, संस्कार और परंपराओं को जीवित रखे हुए हैं।
पूर्व विधायक ने यह भी दावा किया कि इस तरह के सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यों से जनता के बीच सकारात्मक संदेश जाएगा और वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में एक बार फिर भाजपा का परचम लहराएगा।
वहीं गुरुकुल के बटुक श्रेष्ठ पारासर ने बताया कि जनप्रतिनिधियों द्वारा गुरुकुल और बटुकों का सम्मान किया जाना गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों के सहयोग और भगवान के आशीर्वाद से ही गुरुकुल का संचालन संभव हो पा रहा है।
प्रयागराज की घटना के बाद शुरू हुई यह सियासी हलचल अब प्रदेश के अन्य जिलों तक पहुंच चुकी है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा राजनीतिक रूप से और तूल पकड़ सकता है।

