समरसता के मंच पर टकराए वजूद, दिखी गुटबाजी

मंच पर दिखा गुटबाजी का असर, जिलाध्यक्ष को रखा माइक से दूर
मुजफ्फरनगर। विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच रालोद संगठन में खींचतान सार्वजनिक रूप से सामने आने लगी है। पचेंडा में आयोजित समरसता सम्मेलन के दौरान कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार के करीबियों का दबदबा नजर आया। सम्मेलन के दौरान रालोद जिलाध्यक्ष संजय राठी को माइक से दूर रखने का मामला चर्चा में रहा।
बताया गया कि सम्मेलन में कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार के भाषण के दौरान जिलाध्यक्ष संजय राठी पीछे खड़े दिखाई दिए। समय की पाबंदी का हवाला देते हुए जब जिलाध्यक्ष ने मंच से समय कम होने की बात कही तो कैबिनेट मंत्री ने उन्हें हाथ से पीछे हटने का इशारा किया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
वायरल वीडियो को लेकर कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार ने कहा कि संजय राठी उनके जिलाध्यक्ष हैं और वह चौधरी जयंत सिंह के सिपाही हैं। उन्होंने बताया कि स्वागत सूची के नामों को लेकर बातचीत चल रही थी और जिलाध्यक्ष से केवल अपनी बात रखने के लिए दो मिनट का अतिरिक्त समय मांगा गया था। उनके मुताबिक सम्मेलन की सफलता सबसे बड़ी बात थी।
वहीं, सम्मेलन में रालोद के पूर्व मंत्री एवं अनुशासन समिति के अध्यक्ष धर्मवीर बालियान की जुबान भी भाषण के दौरान फिसलने की बात सामने आई। अनुसूचित जाति समाज को लेकर कथित विवादित शब्द बोले जाने के बाद कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार ने उन्हें माइक से रोक दिया और दोबारा ऐसा न बोलने की बात कही।
सम्मेलन के दौरान पूर्व जिलाध्यक्ष प्रभात तोमर सहित कई नेताओं की मौजूदगी भी रही। समाचार रिपोर्ट के मुताबिक मंच पर स्वागत सूची और टिकट की दावेदारी को लेकर भी चर्चाएं होती रहीं। आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए रालोद संगठन के भीतर सामने आए इन मतभेदों ने राजनीतिक हलकों में चर्चा बढ़ा दी है।
