मुजफ्फरनगर सदर से बीजेपी विधायक: कपिल देव अग्रवाल
मुजफ्फरनगर।

“दोस्तों एक परिचय” श्रृंखला के पाँचवें अध्याय में आज हम बात कर रहे हैं मुजफ्फरनगर सदर विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के विधायक और उत्तर प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल की।
प्रारंभिक जीवन और पारिवारिक पृष्ठभूमि
कपिल देव अग्रवाल का जन्म 6 जून 1966 को मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश में हुआ। उनके पिता रमेशचंद अग्रवाल एक प्रतिष्ठित व्यापारी थे। एक व्यवसायिक परिवार में जन्मे कपिल देव अग्रवाल का पालन-पोषण अनुशासन, मेहनत और सामाजिक जिम्मेदारी के मूल्यों के साथ हुआ।
परिवार में दो भाई और एक बहन हैं। बचपन से ही उन्होंने व्यापारिक सोच, प्रबंधन और लोगों से संवाद करने की कला सीखी, जो आगे चलकर उनके राजनीतिक जीवन की मजबूत नींव बनी।
संघ से राजनीति तक का सफर
कपिल देव अग्रवाल ने बहुत कम उम्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की शाखा से जुड़कर सामाजिक जीवन की शुरुआत की। उन्होंने संघ में स्वयंसेवक, मुख्य शिक्षक और जिला बौद्धिक प्रमुख जैसे महत्वपूर्ण दायित्व निभाए।
संगठनात्मक कार्यों में सक्रिय भागीदारी और अनुशासन ने उन्हें एक मजबूत कार्यकर्ता के रूप में स्थापित किया।
राजनीतिक सफर
भारतीय जनता पार्टी की आंतरिक लोकतांत्रिक संस्कृति के चलते कपिल देव अग्रवाल को 2002 के विधानसभा चुनाव में पहली बार मौका मिला। हालांकि चुनाव में जीत नहीं मिली, लेकिन उन्होंने जनता और संगठन के बीच लगातार काम जारी रखा।
उनकी मेहनत रंग लाई और 2006 में वे मुजफ्फरनगर नगर पालिका के अध्यक्ष चुने गए। इस दौरान उन्होंने शहर के विकास के लिए कई अहम फैसले लिए, जिनमें मुजफ्फरनगर की पहली ठोस अपशिष्ट प्रबंधन परियोजना प्रमुख रही।
विधायक बनने से मंत्री बनने तक
कुछ अप्रत्याशित परिस्थितियों में मुजफ्फरनगर विधानसभा सीट रिक्त हुई, जिसके बाद 2016 के उपचुनाव में कपिल देव अग्रवाल को पार्टी ने फिर मौका दिया। जनता ने उन पर भरोसा जताया और उन्हें विधायक चुना।
इसके बाद 2017 विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने जीत दर्ज की।
2019 में उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में शपथ ली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें कौशल विकास एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण विभाग की जिम्मेदारी सौंपी।
उनके नेतृत्व में विभाग में कई संरचनात्मक सुधार और विकास योजनाएँ लागू की गईं।
मुजफ्फरनगर सदर और शहरी राजनीति
मुजफ्फरनगर सदर विधानसभा क्षेत्र एक शहरी-प्रधान क्षेत्र है, जहाँ व्यापार, उद्योग, शिक्षा और प्रशासनिक गतिविधियाँ प्रमुख हैं। यहाँ की जनता कानून-व्यवस्था, ट्रैफिक, सफाई और व्यापारिक सुविधाओं को लेकर सजग रहती है।
कपिल देव अग्रवाल ने शहरी जरूरतों को समझते हुए अपनी राजनीति को शहरी विकास और प्रशासनिक सुधारों पर केंद्रित रखा।
हालाँकि उन्हें ट्रैफिक, अतिक्रमण और प्रदूषण जैसे मुद्दों पर आलोचनाओं का सामना भी करना पड़ा, लेकिन वे आलोचना को सुधार का अवसर मानते हैं।
विचारधारा और सोच
अद्वैत दर्शन से प्रेरित कपिल देव अग्रवाल का मानना है कि
राजनीति सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन का माध्यम है।
वे लोकतंत्र को जनता की आवाज़ और समस्याओं के समाधान का सबसे सशक्त मंच मानते हैं।
निष्कर्ष
एक साधारण व्यापारी परिवार से निकलकर संघ, संगठन, नगरपालिका और विधानसभा तक का सफर तय करने वाले कपिल देव अग्रवाल आज मुजफ्फरनगर की राजनीति में एक सशक्त पहचान हैं।
उनका मानना है कि शहर का विकास एक सतत प्रक्रिया है, जिसे धैर्य, योजना और जन-सहयोग से आगे बढ़ाया जा सकता है।
