पांचवीं पास युवकों ने किया करोड़ों का साइबर फ्रॉड, तीन शातिर गिरफ्तार
मुजफ्फरनगर। जनपद में साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए थाना साइबर क्राइम पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन ठगी के एक बड़े गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो केवल पांचवीं पास हैं, लेकिन बीते छह महीनों में संगठित गैंग बनाकर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी को अंजाम दे चुके हैं।
गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से दो मोबाइल फोन, एक चेकबुक और एक डायरी बरामद की गई है। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई भारत सरकार के गृह मंत्रालय के ऑनलाइन पोर्टल “प्रतिबिंब” पर प्राप्त शिकायतों के आधार पर की गई।
डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर करते थे ठगी
जांच में सामने आया कि आरोपी लोगों को डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाकर उनसे मोटी रकम ठगते थे। ठगी की गई रकम विभिन्न बैंक खातों में मंगाई जाती थी और बाद में उसे निकालकर USDT (क्रिप्टो करेंसी) में कन्वर्ट कर आगे ट्रांसफर कर दिया जाता था।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
पुलिस ने जिन तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनकी पहचान इस प्रकार है—
नदीम पुत्र मेहरबान, निवासी ग्राम कुटेसरा, थाना चरथावल
गुफरान पुत्र मुस्तफा, निवासी ग्राम कुटेसरा, थाना चरथावल
मयूर अफजल राणा पुत्र नौशाद राणा, निवासी ग्राम सुजडू, थाना खालापार
(तीनों निवासी जनपद मुजफ्फरनगर)
5% कमीशन पर खाते उपलब्ध कराते थे
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे 5 से 10 प्रतिशत कमीशन पर बैंक खाते उपलब्ध कराते थे। जब किसी खाते पर शिकायत दर्ज होती और वह फ्रीज हो जाता, तो वे अन्य लोगों के नाम पर नए खाते खुलवाकर ठगी की रकम का लेन-देन जारी रखते थे।
85 करोड़ से ज्यादा की शिकायतें दर्ज
पुलिस के अनुसार, बरामद खातों में मात्र दो माह के भीतर करीब 30 लाख रुपये का लेन-देन हुआ है। वहीं, इन खातों के खिलाफ देशभर में लगभग 70 शिकायतें दर्ज हैं, जिनमें कुल 85 करोड़ रुपये से अधिक की फ्रॉड मनी का जिक्र है। अब तक करीब 60 लाख रुपये की राशि इन खातों में ट्रांसफर होने की पुष्टि हुई है।

एसपी क्राइम ने दी जानकारी
मुजफ्फरनगर पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसपी क्राइम इंदु प्रकाश ने बताया कि प्रतिबिंब पोर्टल की मॉनिटरिंग के दौरान 4.4 करोड़ रुपये के डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड का मामला सामने आया था। जांच आगे बढ़ाने पर पता चला कि रकम का विड्रॉल मुजफ्फरनगर में किया गया था। ट्रेस करने पर गुफरान और नदीम का नाम सामने आया। आगे जांच में मयूर अफजल राणा की भूमिका USDT के क्रय-विक्रय में सामने आई।
एसपी क्राइम ने बताया कि दोनों आरोपी पहले सिलाई का काम करते थे, लेकिन पिछले छह महीनों से पूरी तरह साइबर ठगी में सक्रिय थे।
मुकदमा दर्ज, कार्रवाई जारी
मामले में मु0अ0सं0 11/2026 धारा 318(4), 336, 338 बीएनएस व 66सी, 66डी आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस द्वारा आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि डिजिटल अरेस्ट या किसी भी प्रकार की साइबर कॉल से सावधान रहें और संदेह होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं।
