
⚡ गूगल मैप्स से रेकी और ‘कुर्सी’ बेचने का बहाना: बाराबंकी में अंतरराज्यीय बिजली चोर गिरोह का सनसनीखेज खुलासा
बाराबंकी। उत्तर प्रदेश की बाराबंकी पुलिस ने एक ऐसे शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसने अपराध के लिए तकनीक (गूगल मैप्स) और रेकी के पुराने पैंतरे (फेरी लगाना) का एक खतरनाक गठजोड़ तैयार किया था। जिले की स्वाट/सर्विलांस और थाना सफदरगंज की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए इस अंतरराज्यीय गिरोह के 5 शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से एक टन से अधिक चोरी का तार और लग्जरी गाड़ियां बरामद हुई हैं।

🛠️ हाईटेक चोरों का ‘अनोखा’ मोडस ऑपरेंडी
पुलिस की पूछताछ में जो खुलासे हुए, वे किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं हैं। गिरोह का सरगना इरफान अली उर्फ मुजफ्फर (रामपुर) बेहद शातिर दिमाग है। यह गिरोह तीन चरणों में अपनी वारदात को अंजाम देता था:
गूगल मैप्स का इस्तेमाल: आरोपी सबसे पहले गूगल मैप्स के जरिए अलग-अलग जिलों के पावर हाउस और बिजली सब-स्टेशनों की सटीक लोकेशन सर्च करते थे।
फेरी के बहाने रेकी: लोकेशन मिलने के बाद गैंग के सदस्य मोटरसाइकिल पर प्लास्टिक की कुर्सियां लादकर उस इलाके में निकल जाते थे। वे खुद को फेरीवाला दिखाते हुए बिजली घरों की सुरक्षा व्यवस्था और तारों की स्थिति की रेकी करते थे ताकि किसी को शक न हो।
लखनऊ में ठिकाना, दिल्ली में बाजार: रात के अंधेरे में तार चोरी करने के बाद, वे सारा माल लखनऊ स्थित एक किराए के गोदाम में ले जाते थे। वहां तारों को छीलकर एल्युमीनियम और तांबा अलग किया जाता था और फिर पिकअप गाड़ियों के जरिए इसे दिल्ली के कबाड़ बाजार में ऊंचे दामों पर बेच दिया जाता था।
📦 पुलिस की बड़ी बरामदगी
पुलिस ने रसौली अंडरपास के पास घेराबंदी कर गिरोह को दबोचा। बरामद सामान की सूची लंबी है:
धातु: 16 बंडल एल्युमीनियम तार (5 कुंतल), 4 बंडल तांबा (1.09 कुंतल) और भारी मात्रा में केबिल का छिलका।
वाहन: वारदात में इस्तेमाल होने वाली अर्टिगा कार, महिंद्रा पिकअप और 5 मोटरसाइकिलें।
नकदी व अन्य: ₹3200 नगद, तार काटने वाले कटर, वेल्डिंग मशीन और रेकी के लिए इस्तेमाल होने वाली 20 प्लास्टिक की कुर्सियां।
👮 पुलिस की कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय के सफल निर्देशन में हुई इस कार्रवाई ने बिजली विभाग और पुलिस के लिए एक बड़ी राहत दी है। गिरफ्तार आरोपियों में इरफान अली, वसीम, परवेज, आरिफ और आसिफ शामिल हैं, जो रामपुर, बरेली और पीलीभीत के रहने वाले हैं। पुलिस अब दिल्ली के उन कबाड़ियों का पता लगा रही है, जो चोरी का यह माल खरीदते थे।
डिजिटल हेडलाइन सुझाव: दिन में फेरीवाले, रात में ‘गूगल मैप्स’ वाले बिजली चोर! बाराबंकी पुलिस ने 1 टन तार के साथ गिरोह को दबोचा।

