सिसौली में नरेश टिकैत की पहल पर खत्म हुआ दो जातियों के बीच टकराव, महापंचायत भी टली

मुजफ्फरनगर:
जनपद मुजफ्फरनगर में दो समुदायों के बीच बढ़ रहे तनाव को बुधवार को सिसौली में आपसी सहमति से समाप्त कर दिया गया। यह फैसला भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत के आवास पर हुई बैठक में लिया गया, जहां दोनों पक्षों के जिम्मेदार लोगों ने बैठकर समझौते पर सहमति जताई।
दरअसल मामला नसीरपुर गांव का है, जो मुजफ्फरनगर के तितावी थाना क्षेत्र में पड़ता है। यहां किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर पूरन सिंह के भाई और पुत्रों द्वारा गांव के ही कश्यप समाज के युवक दुष्यंत कश्यप की मामूली कहासुनी के बाद कथित रूप से पिटाई कर दी गई थी। इस घटना में दुष्यंत कश्यप गंभीर रूप से घायल हो गया था।
घटना के बाद कश्यप समाज और राजपूत समाज के बीच तनाव की स्थिति बन गई थी। पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करते हुए ठाकुर पूरन सिंह के भाई, पुत्र और ड्राइवर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बाद दोनों पक्षों की ओर से पंचायतों का दौर शुरू हो गया।
पहले 14 मार्च को ठाकुर पूरन सिंह की ओर से महापंचायत बुलाने की घोषणा की गई, वहीं कश्यप समाज ने भी उसी दिन नसीरपुर में बड़ी पंचायत करने का ऐलान कर दिया। इससे इलाके में टकराव की आशंका बढ़ गई थी।
इस बीच हरेंद्र मलिक, सांसद मुजफ्फरनगर ने भी दोनों पक्षों से बातचीत कर विवाद खत्म कराने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बन सकी। इसके बाद चौधरी नरेश टिकैत ने पहल करते हुए दोनों पक्षों को सिसौली स्थित अपने आवास पर बुलाया।
बैठक में दोनों समाजों के जिम्मेदार लोग, पीड़ित पक्ष और ठाकुर पूरन सिंह के परिजन समेत 36 बिरादरी के प्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी ने आपसी सहमति से विवाद खत्म करने का निर्णय लिया और दोनों पक्षों की ओर से प्रस्तावित महापंचायत भी समाप्त कर दी गई।
बैठक के बाद ठाकुर पूरन सिंह ने कहा कि दोनों परिवार उनके अपने हैं और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा पैदा नहीं होगी। वहीं कश्यप समाज के लोगों ने भी आपसी भाईचारे के साथ रहने की बात कही।
इस पूरे मामले में सांसद हरेंद्र मलिक और चौधरी नरेश टिकैत की भूमिका अहम मानी जा रही है, जिनकी पहल से संभावित टकराव टल गया और क्षेत्र में शांति का माहौल बना।
