
मुजफ्फरनगर
वेलेंटाइन वीक को लेकर मुजफ्फरनगर में क्रांति सेना ने सख्त रुख अपनाते हुए खुला अल्टीमेटम जारी किया है। संगठन की महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष पूनम चौधरी के नेतृत्व में क्रांति सेना के पदाधिकारी संगठन कार्यालय पर एकत्र हुए, जहां प्रतीकात्मक रूप से ‘लाठी पूजन’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान संगठन ने वेलेंटाइन डे और उससे जुड़े आयोजनों का विरोध करते हुए चेतावनी दी कि जिले में ऐसे कार्यक्रम किसी भी सूरत में नहीं होने दिए जाएंगे।
क्रांति सेना की महिला मोर्चा अध्यक्ष पूनम चौधरी ने कहा कि 14 फरवरी को मनाए जाने वाले रोज डे, किस डे, चॉकलेट डे और वेलेंटाइन डे जैसे आयोजनों को रोकने के लिए संगठन पूरी तरह तैयार है। उन्होंने दावा किया कि संगठन के पदाधिकारी बाजार में उतर चुके हैं और होटल, रेस्टोरेंट व अन्य सार्वजनिक स्थानों के संचालकों को लिखित चेतावनी पत्र सौंपे गए हैं।

पूनम चौधरी ने साफ शब्दों में कहा कि यदि 14 फरवरी को किसी भी सार्वजनिक स्थान, होटल या रेस्टोरेंट में “संदिग्ध हालत” में प्रेमी युगल पाए गए तो क्रांति सेना द्वारा कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह कदम भारतीय संस्कृति और सामाजिक मर्यादाओं की रक्षा के लिए उठाया गया है।
क्रांति सेना ने यह भी ऐलान किया कि 14 फरवरी को पुलवामा आतंकी हमले में शहीद जवानों की स्मृति में दिन को ‘ब्लैक डे’ के रूप में मनाया जाना चाहिए। संगठन की ओर से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से अपील की गई कि वेलेंटाइन डे के स्थान पर इस दिन को आधिकारिक रूप से श्रद्धांजलि दिवस घोषित किया जाए।
हालांकि संगठन की ओर से दिए गए इस अल्टीमेटम और चेतावनी भरे बयानों से जिले का माहौल गरमा गया है। प्रशासन की भूमिका को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। क्रांति सेना का कहना है कि उन्होंने पहले ही चेतावनी दे दी है और यदि इसके बावजूद कोई आयोजन होता है, तो इसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
