
योगी मंत्रिमंडल विस्तार से पहले यूपी भाजपा में बड़े बदलाव की तैयारी, संगठन में हलचल तेज
लखनऊ/उत्तर प्रदेश।
भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए संगठन और सरकार—दोनों स्तरों पर बड़ी रणनीतिक तैयारियों में जुट गई है। योगी मंत्रिमंडल के संभावित विस्तार से पहले पार्टी संगठन में व्यापक बदलाव की सुगबुगाहट तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, अगले एक माह के भीतर जिला कमेटियों के गठन, क्षेत्रीय अध्यक्षों के नामों और प्रदेश की नई टीम की औपचारिक घोषणा की जा सकती है।
जानकारी के अनुसार, संगठन को चुनावी मोड में लाने के लिए भाजपा सभी मोर्चों को अभेद्य बनाने की दिशा में काम कर रही है। प्रदेश में भाजपा के कुल 98 संगठनात्मक जिले हैं, जिनमें से अब तक 84 जिलों में अध्यक्षों की घोषणा हो चुकी है। शेष 14 जिलों में जल्द ही नए चेहरों को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। इसके साथ ही विभिन्न आयोगों, निगमों और बोर्डों में लंबे समय से खाली पड़े पदों पर भी नियुक्तियों की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
सबसे ज्यादा चर्चा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की नई टीम को लेकर है। पार्टी के अंदरखाने की मानें तो इस बार केवल पदों की अदला-बदली नहीं, बल्कि संगठन में नए और युवा चेहरों को आगे लाने पर जोर दिया जाएगा। माना जा रहा है कि आगामी टीम में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन के साथ-साथ चुनावी अनुभव रखने वाले कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता मिल सकती है।
संगठनात्मक बदलावों के साथ-साथ सरकार में भी फेरबदल की तैयारी चल रही है। सूत्रों के अनुसार, योगी कैबिनेट में मार्च के आसपास विस्तार और फेरबदल संभव है। कैबिनेट विस्तार के जरिए क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों को साधने की रणनीति पर काम किया जा रहा है, ताकि आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल स्थापित किया जा सके।
योगी मंत्रिमंडल में संभावित बदलाव की चर्चाओं के बीच लखनऊ के राजनीतिक गलियारों में दावेदारों की सक्रियता भी बढ़ गई है। कई नेता संगठन और सरकार—दोनों स्तरों पर अपनी भूमिका मजबूत करने की कोशिश में जुटे हैं। साफ है कि 2027 की लड़ाई से पहले भाजपा उत्तर प्रदेश में संगठनात्मक मजबूती और राजनीतिक संतुलन को लेकर कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती।
